Labour Card Declaration Form C PDF
श्रमिक कार्ड घोषणा पत्र (स) - संस्थान/फर्म द्वारा (90 Days Work Certificate)
Rajasthan Labour Card Declaration Form C PDF (श्रमिक कार्ड घोषणा पत्र - संस्थान/फर्म द्वारा)
eMitraForm.in पर आपका स्वागत है! राजस्थान में असंगठित क्षेत्र के निर्माण श्रमिकों को लेबर कार्ड (श्रमिक डायरी) की सुविधा प्रदान की जाती है। इस कार्ड को बनवाने के लिए यह साबित करना होता है कि मजदूर ने पिछले 1 वर्ष में कम से कम 90 दिन का निर्माण कार्य किया है। यदि किसी मजदूर ने किसी ऐसे निजी संस्थान, कंपनी या फर्म (Private Institution/Firm) के अधीन कार्य किया है जो कारखाना अधिनियम 1948 के तहत पंजीकृत नहीं है, तो उसे labour card declaration form c pdf (घोषणा पत्र स) की आवश्यकता होती है।
यहाँ से आप बहुत ही आसानी से 1 पेज का shramik card ghoshna patra form c pdf (ब्लैंक फॉर्मेट) डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा, ई-मित्र कियोस्क धारकों का समय बचाने के लिए हमने एक शानदार 'ऑनलाइन टूल' भी उपलब्ध करवाया है, जिससे आप इस फॉर्म को सीधा कंप्यूटर से भरकर प्रिंट निकाल सकते हैं।
ई-मित्र कियोस्क के लिए लाइफ-सेवर: Online Form Filler Tool
एक ई-मित्र संचालक होने के नाते आप जानते होंगे कि फॉर्म रिजेक्ट होने का सबसे बड़ा कारण क्या होता है— फर्म मैनेजर की ख़राब हैंडराइटिंग, तारीखों में कटिंग (Overwriting) या गलत आधार नंबर का लिखा होना। जब LDMS (Labour Department Management System) का अधिकारी ऐसे फॉर्म को देखता है, तो वह उसे तुरंत 'Send Back' कर देता है।
आपकी इसी समस्या को जड़ से ख़त्म करने के लिए हमने Shramik Card Form C Online Filler Tool विकसित किया है। इसके ज़बरदस्त फायदे इस प्रकार हैं:
- हैंडराइटिंग का झंझट ख़त्म: आपको पेन से एक भी अक्षर नहीं लिखना। फर्म और मजदूर की डिटेल्स सीधा हमारे टूल में टाइप करें।
- प्रोफेशनल और साफ-सुथरा: 1 मिनट के अंदर आपका फॉर्म कंप्यूटर जनरेटेड (Typed) PDF में तैयार हो जाता है, जिसे पढ़ना एकदम आसान होता है।
- रिजेक्शन का चांस जीरो (0%): क्योंकि आधार नंबर, काम के दिन और GST नंबर एकदम साफ और प्रिंटेड होते हैं, इसलिए लेबर डिपार्टमेंट इसे पहली ही बार में अप्रूव (Approve) कर देता है।
- फास्ट सर्विस: ग्राहक को खाली फॉर्म देकर उसे फर्म के चक्कर काटने के लिए भेजने के बजाय, ई-मित्र पर ही फॉर्म टाइप करके प्रिंट करें और फर्म मैनेजर के पास केवल सील (Stamp) और साइन के लिए भेजें।
श्रमिक कार्ड घोषणा पत्र (स) फर्म द्वारा क्या है? (What is Form C/S?)
राजस्थान BOCW अधिनियम के तहत श्रमिक डायरी केवल असली निर्माण मजदूरों की बने, इसके लिए 90 Days Work Certificate का नियम बहुत कड़ाई से लागू किया गया है।
श्रमिक कार्ड घोषणा पत्र (स) संस्थान/फर्म द्वारा वह आधिकारिक दस्तावेज है जिसमें किसी प्राइवेट फर्म का मालिक या प्रबंधक लिखित में यह घोषणा करता है कि "इस मजदूर ने हमारी फर्म के अधीन निर्माण स्थल पर इतने दिन काम किया है और हमने इसे पूरी मजदूरी का भुगतान कर दिया है।"
नोट: यह फॉर्म केवल उन संस्थानों/फर्मों पर लागू होता है जो 'कारखाना अधिनियम 1948' (Factories Act 1948) के अंतर्गत रजिस्टर्ड नहीं हैं और मुख्य रूप से कंस्ट्रक्शन (निर्माण) का काम करते हैं।
फर्म प्रबंधक/मालिक के लिए सख्त कानूनी चेतावनी (IPC Section 420)
श्रम विभाग ने फर्जीवाड़े को रोकने के लिए इस फॉर्म को अत्यंत पारदर्शी और सख्त बनाया है। shramik card ghoshna patra form c pdf के बिंदु संख्या 5 में फर्म प्रबंधक को एक स्पष्ट कानूनी चेतावनी दी गई है:
"प्रमाण-पत्र का विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच/मौका निरीक्षण के दौरान फर्जी/असत्य पाये जाने की स्थिति में भारतीय दण्ड संहिता (IPC) की धारा- 420 (धोखाधड़ी) एवं अन्य प्रावधानों के अन्तर्गत मेरे विरुद्ध की गई कार्यवाही की मैं पूर्ण रूप से व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेता हूं एवं कथित प्रमाण-पत्र के आधार पर प्रमाणित किये गये श्रमिक द्वारा प्राप्त की गई हितलाभ की राशि की वसूली श्रमिक से कराने हेतु मैं बाध्य रहूँगा।"
अर्थात, फर्म मैनेजर को केवल उसी मजदूर का 90 दिन का प्रमाण पत्र बनाना चाहिए जिसने वास्तव में वहाँ काम किया हो। फर्जी घोषणा पत्र बनाने पर फर्म के मालिक पर कानूनी कार्यवाही और भारी जुर्माना (Penalty) लग सकता है।
घोषणा पत्र (स) को सही तरीके से कैसे भरें? (Step-by-Step Guide)
यदि आप इस फॉर्म को ऑफलाइन (पेन से) भर रहे हैं, तो बहुत सावधानी बरतें। फॉर्म को सही तरीके से भरने की प्रक्रिया (How to fill Form C) नीचे विस्तार से दी गई है:
- फर्म प्रबंधक की निजी जानकारी (बिंदु 1): फॉर्म की शुरुआत "मैं (नाम)..." से होती है। यहाँ फर्म के प्रबंधक (Manager) या मालिक का पूरा नाम, पिता का नाम, उम्र, वार्ड/ग्राम पंचायत का नाम और जिले का नाम भरें। इसके आगे प्रबंधक का आधार नंबर और चालू मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से लिखें।
- फर्म का व्यावसायिक विवरण (बिंदु 2): यहाँ उस संस्थान (Firm/Company) का पूरा नाम व पता लिखना है। इसके बाद फर्म का GST नंबर (या TIN/PAN नंबर) अनिवार्य रूप से दर्ज करें। यदि फर्म श्रम विभाग में BOCW अधिनियम के तहत पंजीकृत है, तो उसका पंजीयन क्रमांक भी लिखें।
- श्रमिकों का विवरण (बिंदु 3 की टेबल): अगर फर्म एक साथ 2-4 मजदूरों का प्रमाणीकरण कर रही है, तो इस टेबल में उन सभी का नाम, कार्य का विवरण (जैसे- बेलदार/मिस्त्री/पेंटर) और काम की समयावधि भर सकते हैं। अगर केवल एक ही मजदूर है, तो इसे खाली छोड़कर सीधा बिंदु 4 पर आएं।
- मजदूर के 90 दिन का हिसाब (बिंदु 4): यह मुख्य सेक्शन है। यहाँ श्रमिक (मजदूर) का नाम, पत्नी/पुत्र का नाम, निवासी (पूरा पता), भामाशाह/जन-आधार नंबर, और 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें।
- तारीख और मजदूरी: वह तारीख लिखें जब मजदूर ने काम शुरू किया और जब काम खत्म किया। कुल कार्य दिवसों की संख्या (Total Days) में '90 दिन' या उससे अधिक भरें। इसके बाद मजदूर को दी गई दैनिक मजदूरी (यथा ₹450 प्रतिदिन) का उल्लेख करें।
- हस्ताक्षर और फर्म की मुहर (Seal): फॉर्म के सबसे नीचे दाईं तरफ प्रबंधक को अपने हस्ताक्षर करने हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात— हस्ताक्षर के ऊपर संस्थान/फर्म की आधिकारिक रबर स्टाम्प (Round/Square Seal) लगाना 100% अनिवार्य है। बिना सील के फॉर्म अमान्य है।
90 दिन पूरे करने के लिए 'Multiple Forms' का नियम
निर्माण कार्यों में मजदूर अक्सर काम बदलते रहते हैं। हो सकता है मजदूर ने किसी फर्म में सिर्फ 50 दिन काम किया हो। ऐसे में 90 दिन पूरे कैसे करें?
- श्रम विभाग के नियमानुसार, मजदूर एक से अधिक प्रमाण पत्र लगा सकता है। यदि आपने फर्म 'A' में 50 दिन और किसी ठेकेदार 'B' के पास 40 दिन काम किया है, तो आप फर्म से 'घोषणा पत्र-स' और ठेकेदार से 'घोषणा पत्र-ब' भरवाकर लगा सकते हैं। दोनों के दिन जुड़कर 90 दिन हो जाएंगे।
- इसी तरह आप मनरेगा (MGNREGA) की हाजिरी (Muster roll) का उपयोग करके भी शेष दिन पूरे कर सकते हैं।
लेबर कार्ड (श्रमिक डायरी) के 6 सबसे बड़े फायदे (Benefits)
सही घोषणा पत्र देकर जब मजदूर का लेबर कार्ड बन जाता है, तो उसके परिवार को BOCW बोर्ड से कई बेहतरीन आर्थिक योजनाएं मिलती हैं:
- शुभशक्ति योजना: बालिग और अविवाहित पुत्रियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ₹55,000/- की सहायता।
- निर्माण श्रमिक शिक्षा योजना (Scholarship): मजदूर के बच्चों को कक्षा 6 से लेकर B.Tech, MBBS तक पढ़ने के लिए हर साल ₹8,000 से लेकर ₹35,000 तक की नकद छात्रवृत्ति।
- प्रसूति सहायता योजना: लड़का होने पर ₹20,000 और लड़की होने पर ₹21,000 की नकद प्रसूति सहायता।
- औजार / टूल किट सहायता: मिस्त्री, प्लंबर आदि को अपने काम के औजार खरीदने के लिए ₹2,000 से ₹5,000 तक की सब्सिडी।
- बीमा कवर: श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर ₹5 लाख तक का जीवन व भविष्य सुरक्षा बीमा।
- सुलभ्य आवास योजना: अपना पक्का घर बनाने के लिए सरकार की ओर से ₹1.5 लाख रुपये तक की भारी भरकम सहायता।